Introduction to internet & Web Technology

Question 1
इंटरनेट क्या है ? Wired connection और wireless में अंतर लिखिए ।

Answer
इंटरनेट
इंटरनेट दुनिया भर में उपकरणों को जोड़ने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल सुइट का उपयोग करने वाले इंटरकनेक्टड कंप्यूटर नेटवर्क की वैश्विक प्रणाली है। कहने का मतलब यह है कि किसी नेटवर्क का कोई सिस्टम किसी अन्य नेटवर्क के सिस्टम से जुड़े कर कम्युनिकेट कर सकता है । अर्थात् सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकता है । सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिस नियम का प्रयोग किया जाता है उसे  ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल या इंटरनेट प्रोटोकॉल (TCP / IP) कहा जाता है । अर्थात्  "इंटरनेट संजालो  का एक संजार है , जो लोगों तथा कंप्यूटरों को विश्वस्टर पर एक साथ जोड़ता है।"

Wired connection
नेटवर्किंग की दुनिया में, wired जैसै  कि नाम से पता चलता है , तारों और केबलों के माध्यम से जुड़े किसी भी भौतिक माध्यम को संदर्भित करता है । तार / केबल कॉपर वायर,  ट्विस्टेड  पेयर या फाइबर ऑप्टिक भी हो सकता है। वायर्ड कनेक्टिविटी प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए प्रावधानित उच्च बैडविड्थ  के साथ उच्च सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है । यह सीमित होता है। या सुरक्षा की दृष्टि से उच्च होता है। इसके फायदे निम्न है -
1) अधिक गति।
2)  उच्च सुर प्रतीरक्षा।
3)  अत्यधिक विश्र्वनीय ।
4) अधिक सुरक्षित।

Wireless connection
"वायरलेस" जैसा की  शब्द संदर्भित करता है,  विद्युत चुंबकीय तरंगों या अवरक्त तरंगों को भेजने के लिए एक माध्यम के रूप में हवा का उपयोग करता है । वायरलेस उपकरणों में संचार के लिए एंटेना होते है । वायरलेस कनेक्टिविटी उपयोगकर्ता की गतिशीलता और तैनाती में आसानी का एक बड़ा लाभ प्रदान करती है। वायरलेस उन क्षेत्रों में अधिक उपयोगी हो जाता है । जहां तार नहीं पहुंच सकते । इसकी गतिशीलता और रोमिंग उच्च होता है। वायर्ड से कम।  हैक करना भी आसान होता है। इसके फायदे -
1) केबल की परेशानी नहीं होती है।
2)  मोबाइल उपकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
3)  अधिक गतिशीलता ।
4) आसान स्थापना और प्रबंधन।
Wired connection अधिक सुरक्षित होता है किंतु यहां देरी,  लागत की दृष्टि से wireless connectionअच्छा होता है।

Question 2
ISP क्या है। किन्हीं 3 प्रकार के इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को समझाइए।

Answer
ISP ( Internet Service Provider)
एक इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP)  एक ऐसा संगठन है जो इंटरनेट पर पहुंच , उपयोग या भाग लेने के लिए सेवाएं प्रदान करता है । इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को वाणिज्यिक, सामुदायिक स्वामित्व वाले , गैर लाभकारी , या अन्यथा निजि  स्वामित्व वाले विभिन्न रूपों में व्यवस्थित किया जा सकता है। आमतौर पर आईएसपी , द्वारा प्रदान की जाने वाली इंटरनेट सेवाओं में इंटरनेट एक्सेस, इंटरनेट इंटरनेट ट्रांजिट , डोमेन नाम पंजीकरण , वेब होस्टिंग, यूजनेट सेवा और कालोलेशन शामिल है।
समानत: इंटरनेट सेवा प्रदाता दो तरह की शुल्क राशि लेते हैं।
1)  इंटरनेट का प्रयोग करने  के लिए 
2) इंटरनेट संयोजन (connection) देने के लिए संयोजन शुक्ल भी वैसे ग्राहकों के लिए निर्धारित होता है जिनके पास उनके साइड तथा आई , एस , पी, के मध्य अलग से एक समर्पित संयोजन  होता है । BSNL, VSNL, Reliance , sify भारत के कुछ खास इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के नाम है।

1) Tier 1 ISP
ये सबसे उच्च स्तर के इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। क्योंकि अधिकांश नेटवर्क लाइनें Tier 1 द्वारा की स्थापित की जाती है। ये न सिर्फ क्षेत्रीय स्तर पर नेटवर्क लाइनें स्थापित करते हैं, बल्कि दूसरे देश में इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करने के लिए समुद्र के नीचे Internet cable बिछाते हैं।
Tier 1 इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर सीधे लोगों को इंटरनेट कनेक्शन प्रदान नहीं करती है , बल्कि ये उसे Tier 2 को बेचती है ।
भारत के कुछ प्रमुख Tier 1 ISP  के उदाहरण:
1) Tata
2) Bharti
3) Reliance
4) VSLNL

2) Tier 2 ISP
Tier 2 ISP वो सर्विस प्रोवाइडर है , जो Tier 1 इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से इंटरनेट ट्रांसिट खरीदने देते हैं। Tier 2 के नेटवर्क किसी क्षेत्र या एक देश में फैले होते हैं अब यदि इन्हें किसी दूसरे देश के इंटरनेट से जुड़ना है, तो इन्हें Tier 1 से कनेक्ट करने की आवश्यकता होती है । उदाहरण :
1) Jio
2) Airtel
3) Vodafone and Idea
4) BSNL

3) Tier 3 ISP
ये Tier 2 से इंटरनेट ट्रांसिट खरीदते हैं और घरों व  दफ्तरों में इंटरनेट सेवा प्रदान करते हैं। Tier 3 इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के खुद के नेटवर्क नहीं होते हैं , बल्कि यह लोगों को इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए Tier 2  नेटवर्क का उपयोग करते हैं । कुछ प्रमुख Tier 3 ISP के उदाहरण :
1) Excitel
2) MINL
3) SIII cable
4) Spectra
5) Gigatel Networks etc.

Question 3
संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
1) WWW , 2) HTTP,  3) Web server

Answer
1) WWW
WWW का पूर्ण रूप World Wide Web सर्वर की एक श्रृंखला है , जो हायपरटेक्स्ट  के माध्यम से आपस में संयोजित होता है। हायपरटेक्स्ट सूचना को प्रस्तुत करने का वैसा तरीका है । जिसमें कुछ खास आइटम हाइलाइटेड  होते हैं।
शुरुआत में, वर्ल्ड वाइड वेब को वैज्ञानिक संगठनों और अकादमिक संस्थानों के बीच विशेष रूप से वैज्ञानिक और शोध दस्तावेजों को साझा करने के लिए एक माध्यम के रूप में पेश किया गया था लेकिन समय बीतने के साथ, यह इसके लिए परिभाषित सीमाओं को विकसित और पार कर गया। प्रारंभ में 1990 तक, WWW , CERN की सीमाओं के भीतर बनी हुई थी, लेकिन 1991 तक, यह इंटरनेट का उपयोग करने वाले किसी के लिए उपलब्ध हो गई ।

2) HTTP
HTTP (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल ) वर्ल्ड वाइड वेब पर फाइलों ( टेक्स्ट , ग्राफिक छवियों , ध्वनि , वीडियो , और अन्य मल्टीमीडिया फाइलों ) को स्थानांतरित करने के लिए नियमों का सेट है। जैसे ही कोई वेब उपयोगकर्ता अपना वेब ब्राउज़र खोलते हैं,  उपयोगकर्ता अप्रत्यक्ष रूप से HTTP का उपयोग कर रहा होता है । HTTP एक अनुप्रयोग (एप्लीकेशन) प्रोटोकॉल है जो प्रोटोकॉल के टीसीपी / आईपी सूट (इंटरनेट के लिए नींव प्रोटोकॉल ) के  शीर्ष पर चलता है।
HTTP अवधारणाओं में यह विचार शामिल है (जैसे कि नाम के हाइपरटेक्स्ट भाग का तात्पर्य है ) की फाइलों में अन्य फाइलों के संदर्भ हो सकते हैं जिनके चयन अतिरिक्त स्थानांतरण अनुरोधों को प्राप्त करेंगे। किसी भी वेब सर्वर मशीन में, वेब पेज फाइलों के अलावा , एक HTTP डिमन होता है जो एक प्रोग्राम है जो HTTP अनुरोधों की प्रतीक्षा करने के लिए और आने पर उन्हें संभालने के लिए डिजाइन किया गया है । हमारा वेब ब्राउज़र एक HTTP क्लाइंट है जो सर्वर मशीनों को अनुरोध भेजता है। जब ब्राउज़र उपयोगकर्ता  एक युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर या URL में टाइप करने  या हाइपरटेक्स्ट लिंक पर क्लिक करके वेब फाइल ओपेन करने का अनुरोध करता है, तो ब्राउज़र एक HTTP अनुरोध बनता है और इसे यूआरएल द्वारा इंगित किए गये इंटरनेट प्रोटोकॉल पते (IP Address) पर भेजता है ।  गंतव्य सर्वर मशीन में HTTP डिमन अनुरोध प्राप्त करता है और अनुरोध से जुड़ी अनुरोधित फाइल या फाइलों को वापस भेजता है।

3) Web Server
एक वेब सर्वर एक ऐसी प्रणाली है जो इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं  के लिए सामग्री या सेवाएं प्रदान करती है। एक वेब सर्वर में भौतिक सर्वर , सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) और (HTTP ) संचार की सुविधा के लिए उपयोग किया जाने वाला सॉफ्टवेयर होता है ।
एक वेब सर्वर को इंटरनेट सर्वर के रूप में भी जाना जाता है।
एक वेब सर्वर एक कंप्यूटर है जो वेबसाइट चलता है । यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो वेब पेजों को वितरित करता है क्योंकि उनकी मांग की जाती है। वेब सर्वर का मूल उद्देश्य वेब पेजो को स्टोर करना, संसाधित करना और उपयोगकर्ताओं को वितरित करना है । यह इंटरकप्म्युनिकेशन हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल का उपयोग करके किया जाता है।
HTTP के अलावा,  एक वेब सर्वर ईमेलिंग और फाइल स्थानांतरण और संग्रहण के लिए एस एम टी पी (SMTP) ( Simple Mail Transfer Protocol)और एफटीपी ( File Transfer Protocol )  प्रोटोकोल का भी समर्थन करता है।

Question 4
Explain the feature of following browsers
1) Edge  ,  2) Google Chrome ,  3) Fire Fox 

Answer
1) Edge
Microsoft Edge Browser, इंटरनेट पर ब्राउजिंग करने या किसी भी वेबसाइट पर विजिट करने , फोटो,  वीडियो, डॉक्यूमेंट आदि इंटरनेट पर सर्च करने के लिए वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल किया जा सकता है। और बहुत से वेब ब्राउजर इंटरनेट पर उपलब्ध है लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे हैं।
Microsoft Edge भी एक Web software  है जो कि माइक्रोसॉफ्ट कार्पोरेशन के द्वारा बनाया गया है ये सभी डिवाइस के लिए उपलब्ध है यानी कि आप कंप्यूटर में विंडोज में विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में तो Microsoft edge browser का इस्तेमाल कर ही सकते हैं साथ में इसका यूज़ करना फ्री है मतलब कि इसके लिए आपको किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं देना होता है।
ऐसा नहीं की अभी विंडोज यूजर को इंटरनेट Explorer नहीं मिलता , दोनों ही वेब ब्राउज़र विंडोज में मिल जाते हैं जिनमें से किसी का भी Use कर सकते हैं। लेकिन Microsoft edge browser एक एडवांस्ड सॉफ्टवेयर है जिसमें दूसरे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर की तरह ही फीचर्स मिलते हैं जैसे की expressions , print,  apps,  web computer आदि जो कमाल के फीचर्स है।

2) Google Chrome
"गूगल क्रोम गूगल द्वारा विकसित फ्री , ओपन सोर्स वेब ब्राउज़र है । यह 2008 में रिलीज हुआ था। "
जब गूगल ने ब्राउज़र बनाने का निश्चय किया , तो वे ब्राउज़र के संदर्भ में पूर्णतः दोबारा विचार करना चाहते थे क्योंकि अब ब्राउजिंग सरल टेक्स्ट वाले वेब पेजों कि ब्राउजिंग से बहुत ज्यादा भिन्न है। अब हम अपने ब्राउज़र में ईमेल , शॉप , पेबिल तथा अन्य बड़ी एप्लीकेशन रन सकते  है।
गूगल क्रोम प्रत्तयेक टैब को दूसरी टैब से पृथक करके रन कर रहा है , जिससे एक टैब कोई दूसरी टैब द्वारा नष्ट होने से बचाया जा सके। यह ज्यादा सुरक्षित है तथा मेमोरी हेतु ज्यादा बेहतर है , जब टैब बंद हो जाती है तो इसके द्वारा किये मेमोरी उपयोग को खत्म कर दिया जाता है। क्रोम एक शक्तिशाली जावास्क्रिप्ट  इंजन V8 का उपयोग करता है, जो बड़े एप्लीकेशन के कार्य को बेहतर बनाता है । शुरुआती पृष्ठ पर सबसे ज्यादा विजीट किये जाने 9 वेब पेज, हाल ही में विजीट किए गए वेब पेजेस की सूची, आपके पसंदीदा सर्च इंजन की सूची होती है। चूंकि यह ओपन सोर्स प्रोजेक्ट है इसलिए नयी विशेषताएं जुड़ती रहेगी तथा अन्य विकासकर्ता अपने ब्राउज़र में उन विशेषताओं को डाल सकते हैं, जिन्हें वे उपयोगी समझते हैं।

3) Fire Fox
"फायरफॉक्स मोजिला द्वारा विकसित प्रचलित, फ्री तथा ओपन सोर्स वेब ब्राउज़र है। यह छोटा तथा तेज है। फायरफॉक्स मोज़िला कोड पर आधारित है तथा यह उपलब्ध स्टैण्डर्ड - कंप्लाइंट ब्राउज़र में से एक है। फायरफॉक्स विंडोज 98, विंडोज़ 2000,  विंडोज XP , विण्डोज विस्ता , मैक OSX  लाइनक्स हेतु उपलब्ध है।
 फायरफॉक्स 3 17  जून 2008  को रिलीज हुआ था।
संशोधित कार्य मोज़िला के लिए बहुत महत्वपूर्ण विशेषता थी। फायरफॉक्स 3 कम कंप्यूटर मेमोरी का उपयोग करके आपको शीघ्रता से वेब पेज देखने की सुविधा देता है।

फायरफॉक्स 3 की नयी विशेषताएं
1) पासवर्ड मैनेजर - साइट के पासवर्ड को याद रखना है।
2)  एक क्लिक पर बुक मार्क ।
3) संशोधित कार्य ।
4) स्मार्ट लोकेशन बार ।
5) इंस्टेंस वेबसाइट ID ।
6) फुल जूम ।
7) प्लेट फॉर्म।

Question 5
HTML क्या है ?  किन्हीं 5 Tags को उदाहरण सहित समझाइये।

Answer 
HTML
वेबसाइट विकास में हाइपरटेक्स्ट मार्क - अप भाषा HTML सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पहलू है। हम वैसे वेब पेज को लिखते हैं , जिनमें इस विशेष भाषा में लिखे गए कोड्स होते हैं यह अन्य उच्च स्तरीय भाषाओं की तरह  ही एक भाषा है , यद्यपि उनसे बहुत ज्यादा आसान होता है। यह एक सरल भाषा है जो वेब पेज लिखने के कार्य में हमें शुरुआत से सीखने में सहायक है।

HTML Tags
HTML के कुछ Tags निम्न है

1) HTML Tags
HTML टैग आपके ब्राउज़र को यह  बताता है की फाइल में HTML कूटबध्द (coded) सूचनाएं संग्रहित है । फाइल ऐक्स्टेंशन html भी यह सूचित करता है कि यह एक HTML डॉक्यूमेंट है। या <HTML> और  <HTML> के जोड़े में होते हैं जैसे -
<HTML>
-  - - - - - - 
- - - - - - - - 
<HTML>

2) Head Tag
हेड टैग शीर्षक को संग्रहित रखने के वाले आपके HTML कोडेड दस्तावेज के पहले हिस्से को पहचान करता है इसमें शीर्षक टैग संग्रहित रहता है । यह भी ओपनिंग और क्लोजिंग टैग  <HEAD> और </HEAD> के साथ आता है।
जैसे -  <HTML>
          <HTM >
           - - - - - - - 
           - - - - - - - 
         </HTML>
         </HTML>
3) Title Tag
टाइटल टैग आपके दस्तावेज के संग्रहीत रखता है और ग्लोबल संदर्भ में इसके वण्र्ड - विषयों (contents ) की पहचान करता है । टाइटल ब्राउज़र विंडो के शीर्ष पर टाइटल बार में दिखाया जाता है, लेकिन विंडो के अंदर नहीं। साथ ही टाइटल वह है , जो कि किसी यूजर की हॉट लिस्ट या बुकमार्क लिस्ट पर प्रदर्शित होती है, इसलिए कुछ व्याख्यात्मक , अनूठे और अपेक्षाकृत छोटे टाइटल का चुनाव कीजिए। टाइटल का इस्तेमाल सर्च इंजिन के लिए आपके पेज की पहचान के लिए भी होता है । आमतौर पर आपको अपने टाइटल्स को  64 अक्षरों या उससे कम तक सीमित रखना चाहिए।
उदाहरण :-  <HTML>
                <HEAD>
                <TITLE>
                DESCRIBE YOUR TITLE
               </TITLE>
               </HEAD>
               </HTML>

4) Body Tag
आपके HTML दस्तावेज का दूसरा और सबसे बड़ा हिस्सा बांडी है , जो आपके दस्तावेज के वण्र्ड - विषयों को संग्रहित रखता है।
 उदाहरण :- <HTML>
                 <HEAD>
                <TITLE>
                 My First Web Page
               </TITLE>
               </HWAD>
               </HTML>
              <BODY>
              - - - - - - -
              - - - - - - -
            </BODY>
5) Line Break Tag
इस टैग का प्रयोग हम पैराग्राफ में लाइन बदलने के लिए करते हैं । इसको <BR > निरूपित करते हैं । 
इसका प्रयोग पैराग्राफ टैग <P>  के साथ होता है। इसे हम छोटी लाइनें , जैसे पता इत्यादि लिखने में प्रयोग कर सकते हैं ।
उदाहरण :-
              <HTML>
              <HEAD>
              <TITLE>
              A Page With BR Tag
              </TITLE>
             </HEAD>
             <BODY>
            National Informatics Centre <BR>                Chanakya Puri <BR>
            New Delhi <BR>
           </BODY>
           </HTML>
इसका परिणाम ब्राउज़र पर कुछ इस प्रकार होगा
National Informatics Centre
Chanakya Puri
New Delhi
यद्यपि यह कार्य <P>  टैग की सहायता से भी हो सकता है, परंतु यह दो पंक्तियों के मध्य स्पेस छोड़ेगा , जिससे आपको पेज का स्थान व्यर्थ नहीं होगा।

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